Updated on: 7 अप्रैल 2026
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए ₹87.49 करोड़ की वित्तीय मंजूरी दी है। इसमें 116 मंडियों में 781 किसान विश्राम स्थल बनाने के लिए ₹46.86 करोड़ और 21 मंडी समितियों के विकास के लिए ₹40.63 करोड़ शामिल हैं। यह राजस्थान के किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसला है।
आज क्या हुआ? — किसानों के लिए आई बड़ी राहत
क्या आप जानते हैं राजस्थान में लाखों किसान हर साल मंडी में अपनी फसल बेचने आते हैं — और धूप, बारिश और कड़ाके की ठंड में घंटों खड़े रहते हैं?
अब यह तकलीफ खत्म होने वाली है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की कृषि उपज मंडियों की तस्वीर बदलने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार ने ₹87 करोड़ 49 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है — जो सीधे किसानों की जिंदगी आसान बनाएगी।
यह सिर्फ एक सरकारी घोषणा नहीं है — यह अन्नदाताओं के सम्मान की नई शुरुआत है।
क्या है राजस्थान मंडी विकास और किसान विश्राम स्थल योजना?
राजस्थान सरकार ने दो बड़े कामों को एक साथ मंजूरी दी है:
पहला — प्रदेश की 21 प्रमुख मंडी समितियों में ₹40.63 करोड़ से इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार। इसमें सड़कें, बिजली और यार्ड निर्माण शामिल है।
दूसरा — 116 मंडियों में ₹46.86 करोड़ की लागत से 781 किसान विश्राम स्थल बनाना। ये विश्राम स्थल किसानों को हर मौसम में राहत देंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार यह कदम राजस्थान को कृषि व्यापार का हब बनाने की दिशा में उठाया गया है।
| योजना का हिस्सा | बजट | विवरण |
|---|---|---|
| किसान विश्राम स्थल | ₹46.86 करोड़ | 116 मंडियों में 781 विश्राम स्थल |
| मंडी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास | ₹40.63 करोड़ | 21 प्रमुख मंडी समितियों में सुधार |
| कुल बजट | ₹87.49 करोड़ | पूरे राजस्थान में लागू |
| लाभार्थी मंडियां | 116 मंडियां | प्रथम चरण में |
| स्वीकृति तिथि | 6 अप्रैल 2026 | CM भजनलाल शर्मा द्वारा |
किसानों को मिलने वाली 5 बड़ी सुविधाएं
इस योजना से किसानों को 5 बड़े फायदे मिलने वाले हैं। आइए एक-एक करके जानते हैं:
- ☀️ मौसम से सुरक्षा: गर्मी, बारिश और सर्दी में किसानों को छायादार और सुरक्षित विश्राम स्थल मिलेगा — अब खुले में बैठकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
- 🛣️ बेहतर सम्पर्क सड़कें: मंडियों को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाली सड़कें बनेंगी — किसानों के वाहनों की आवाजाही आसान होगी और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।
- 💡 24x7 बिजली व्यवस्था: मंडियों में विद्युत व्यवस्था सुधरेगी — रात के समय भी काम और सुरक्षा दोनों बेहतर होंगे।
- 🏗️ आधुनिक यार्ड निर्माण: फसल रखने और नीलामी के लिए मजबूत और विशाल यार्ड बनेंगे — जिससे फसल का नुकसान कम होगा।
- 💰 परिवहन लागत में कमी: बेहतर सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर से किसानों की परिवहन लागत घटेगी — सीधा मुनाफा बढ़ेगा।
किसानों के लिए यह सच में एक गेम-चेंजर योजना है!
सरकार ने कितना बजट पास किया? — पूरा हिसाब-किताब
CM भजनलाल शर्मा ने कुल ₹87 करोड़ 49 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है। यह राशि दो हिस्सों में बंटी है:
"मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विजन है कि राजस्थान का किसान केवल फसल न उगाए, बल्कि उसे अपनी उपज बेचने के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं भी मिलें।"
— मुख्यमंत्री कार्यालय, राजस्थान
₹46.86 करोड़ सिर्फ किसान विश्राम स्थलों के लिए आवंटित किए गए हैं। इनसे 116 मंडियों में 781 आधुनिक विश्राम स्थल तैयार होंगे।
₹40.63 करोड़ मंडी इंफ्रास्ट्रक्चर — यानी सड़क, बिजली और यार्ड निर्माण — पर खर्च होंगे।
राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सभी काम निर्धारित समय-सीमा में पूरे होने चाहिए और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।
किन मंडियों को फायदा मिलेगा?
प्रथम चरण में पूरे राजस्थान की 116 मंडियों में किसान विश्राम स्थल बनेंगे। मंडी विकास कार्यों के लिए खास तौर पर 21 प्रमुख मंडी समितियों को चुना गया है:
| क्षेत्र | लाभान्वित मंडियां |
|---|---|
| पश्चिमी राजस्थान | जैसलमेर, नोखा (बीकानेर), सोजत (पाली) |
| उत्तरी राजस्थान | रायसिंहनगर, सूरतगढ़, भादरा, टिब्बी, गोलूवाला |
| पूर्वी राजस्थान | कोटपूतली, चौमूं, लालसोट, मंडावरी, खेरली, गोविंदगढ़, सवाईमाधोपुर, पहाड़ी, डीग |
| हाड़ौती और अन्य | मदनगंज-किशनगढ़, कोटा, रामगंजमंडी, डूंगरपुर |
यानी पश्चिम से पूरब और उत्तर से दक्षिण — पूरे राजस्थान के किसानों को इसका फायदा मिलने वाला है।
मंडियों में क्या बदलाव आएगा?
इस योजना के लागू होने के बाद एक किसान की मंडी यात्रा कुछ इस तरह बदलेगी:
- आसान पहुंच: नई सम्पर्क सड़कों से ट्रैक्टर और वाहन बिना जाम के मंडी तक पहुंचेंगे।
- फसल का सुरक्षित भंडारण: आधुनिक यार्ड में फसल रखना आसान और सुरक्षित होगा।
- विश्राम स्थल का उपयोग: नीलामी का इंतजार करते समय किसान विश्राम स्थल में आराम कर सकेंगे।
- रात में भी काम: बेहतर बिजली व्यवस्था से रात को भी मंडी में सुविधाजनक माहौल रहेगा।
- ज्यादा मुनाफा: कम परिवहन लागत और बेहतर सुविधाओं से किसान का शुद्ध मुनाफा बढ़ेगा।
किसानों को क्या फायदा होगा?
यह योजना सिर्फ "इमारतें बनाने" की बात नहीं है — यह किसान की पूरी मंडी-यात्रा को बेहतर बनाने की योजना है।
अब तक राजस्थान के किसान मंडी में घंटों धूप में खड़े रहते थे। कई बार बुजुर्ग किसान गर्मी से बेहाल हो जाते थे। बारिश में भीगना, सर्दी में ठिठुरना — यह उनकी रोज की कहानी थी।
अब 781 विश्राम स्थल बनने के बाद हर मंडी में किसानों को छाया, पानी, बैठने की जगह और मौसम से सुरक्षा मिलेगी।
People Also Ask — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आज क्या हुआ?
6 अप्रैल 2026 को राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा ने ₹87.49 करोड़ की मंजूरी दी। इससे 116 मंडियों में 781 किसान विश्राम स्थल और 21 मंडियों में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार होगा।
किसानों को क्या फायदा मिलेगा?
किसानों को मंडी में विश्राम स्थल, बेहतर सड़कें, 24x7 बिजली, आधुनिक यार्ड और कम परिवहन लागत का फायदा मिलेगा। इससे उनका मुनाफा सीधे बढ़ेगा।
सरकार ने कितना बजट पास किया?
कुल ₹87 करोड़ 49 लाख रुपये — जिसमें ₹46.86 करोड़ विश्राम स्थलों के लिए और ₹40.63 करोड़ मंडी विकास कार्यों के लिए हैं।
यह योजना कब लागू होगी?
अप्रैल 2026 में मंजूरी मिल चुकी है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि काम निर्धारित समय-सीमा में पूरा हो।
किसानों के लिए सरकार की और भी कई बड़ी योजनाएं चल रही हैं। अगर आप किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना चाहते हैं तो हमारी यह गाइड जरूर पढ़ें: किसान क्रेडिट कार्ड ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें।
और अगर आप 2026 की सभी सरकारी योजनाओं की कम्पलीट लिस्ट देखना चाहते हैं, तो यहाँ जाएं: सरकारी योजना 2026 A to Z लिस्ट।
इस खबर को प्रमुख मीडिया संस्थानों ने भी कवर किया है। विस्तृत जानकारी के लिए देखें: Patrika — CM भजनलाल ने दी ₹87 करोड़ की मंजूरी और Pratahkal — मंडी विकास बजट खबर।
FAQ — राजस्थान मंडी विकास और किसान विश्राम स्थल योजना
किसान विश्राम स्थल योजना क्या है?
राजस्थान सरकार ने मंडियों में फसल बेचने आने वाले किसानों को आराम की सुविधा देने के लिए ₹46.86 करोड़ की लागत से 116 मंडियों में 781 किसान विश्राम स्थल बनाने की मंजूरी दी है। यहाँ किसानों को छाया, पेयजल, बैठने की जगह और मौसम से सुरक्षा मिलेगी।
राजस्थान मंडी विकास योजना में कितना बजट मंजूर हुआ?
CM भजनलाल शर्मा ने कुल ₹87 करोड़ 49 लाख रुपये की वित्तीय मंजूरी दी है। इसमें ₹46.86 करोड़ 781 किसान विश्राम स्थलों के लिए और ₹40.63 करोड़ 21 प्रमुख मंडी समितियों के इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए हैं।
किन मंडियों को इस योजना का फायदा मिलेगा?
राजस्थान की 116 मंडियों में किसान विश्राम स्थल बनेंगे। मंडी विकास कार्यों का सीधा लाभ जैसलमेर, नोखा, सोजत, सूरतगढ़, भादरा, कोटपूतली, चौमूं, लालसोट, डीग, कोटा, डूंगरपुर समेत 21 मंडी समितियों को मिलेगा।
यह योजना कब लागू होगी?
CM भजनलाल शर्मा ने अप्रैल 2026 में इस योजना को मंजूरी दी है। संबंधित मंडी समितियों और PWD को निर्देश दिए गए हैं कि सभी काम निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं।
किसान विश्राम स्थल में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
किसान विश्राम स्थलों में छाया/शेड, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, मौसम से सुरक्षा (गर्मी, सर्दी, बरसात) और स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध होंगी — ताकि किसान नीलामी के इंतजार में आराम से रह सकें।
इस योजना का किसानों की कमाई पर क्या असर पड़ेगा?
बेहतर सड़कों से परिवहन लागत घटेगी, आधुनिक यार्ड से फसल का नुकसान कम होगा और बेहतर बुनियादी सुविधाओं से मंडी में व्यापार तेज होगा — इन सबका सीधा फायदा किसानों के मुनाफे में दिखेगा।
निष्कर्ष — किसानों के लिए नई उम्मीद की किरण
राजस्थान सरकार का यह फैसला वाकई में ऐतिहासिक है।
₹87.49 करोड़ के इस बजट से 116 मंडियों में 781 किसान विश्राम स्थल और 21 मंडियों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा। यह योजना दिखाती है कि भजनलाल सरकार किसानों को सिर्फ वोटर नहीं, बल्कि असली "अन्नदाता" मानती है।
डीग से डूंगरपुर तक, जैसलमेर से हनुमानगढ़ तक — राजस्थान का हर किसान अब मंडी में इज्जत और आराम के साथ अपनी फसल बेच पाएगा।
यह सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं — यह किसान के सम्मान की नई कहानी की शुरुआत है।
किसानों से जुड़ी और योजनाएं जानने के लिए पढ़ें: सुकन्या समृद्धि योजना 2026 — बेटियों के भविष्य की गारंटी।